06 नवंबर, 2023नवंबर 06, 2023
पिता-पुत्री के प्रेम से भावुक कर देती है नागार्जुन की कविता 'गुलाबी चूड़ियां'
By Admin
06 नवंबर, 2023
यह सच है कि मनुष्य प्रेम से संचालित होता है. प्रेम की परिभाषा सिर्फ स्त्री-पुरुष तक ही सीमित नहीं है, बल्कि रिश्ता कोई भी हो सकता है, जो भावुक कर दे. बाबा नागार्जुन की ऐसी ही एक कविता है 'गुलाबी चूड़ियां'. कविता साधारण मनुष्य के जीवन में प्रेम के महत्व को दर्शाती है. कविता में बाबा ने वात्सल्य प्रेम की रस धारा का स्पष्ट चित्रण करते हुए पिता और नन्ही बेटी की भावनाओं को अपने शब्दों में बेहद खूबसूरती से बांधा है.
